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राजकीय एवं निजी आई. टी. आई. प्रवेश सत्र अगस्त - 2020

सीट आवंटन प्रक्रिया | Download

सीट आवंटन प्रक्रिया(राजकीय संस्थानों हेतु)

आगामी प्रशिक्षण सत्र अगस्त 2020 हेतु शासनादेश संख्या-4784/89-व्या0शि0 एवं कौ0वि0-2013 -125(बी)/1987टीसी दिनांक 26.12.2013 में की गई व्यवस्था के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में स्थानीय नवयुवकों को प्रवेश में प्राथमिकता देने के दृष्टिगत संबंधित जनपद में व्यवसायवार सीटों को 25-25 प्रतिशत क्रमशः विकासखण्ड, तहसील, जनपद तथा प्रदेश स्तर पर पूल करते हुये निम्नलिखित प्रक्रिया निर्धारित की जाती हैः-

जनपदों में व्यवसायवार सीटों को 25-25 प्रतिशत क्रमशः विकास खण्ड, तहसील, जनपद तथा प्रदेश स्तर पर पूल करते हुये उपलब्ध सीटों पर नियमानुसार लम्बवत एवं क्षैतिज आरक्षण अनुमन्य किया जायेगा।

विकास खण्ड स्तर पर पूल की गयी सीटों के सापेक्ष आवेदनकर्ता अभ्यर्थी ने जिस विकास खण्ड से शैक्षिक अर्हता प्राप्त की है उसे वहां का निवासी माना जायेगा। इसके अतिरिक्त जो अभ्यर्थी वहां के निवासी हैं, पर उन्होंने अन्यत्र शिक्षा प्राप्त की है, को जिलाधिकारी से प्राप्त निवास प्रमाण-पत्र के आधार पर प्रवेश हेतु उपयुक्त माना जायेगा। प्रवेश के समय अन्य शैक्षणिक आरक्षण आदि प्रमाण पत्रों के साथ उनका भी परीक्षण किया जायेगा।

अभ्यर्थियों को निम्नानुसार आवेदन एवं विकल्प के अवसर होंगेः-

  • उक्त वर्णित चार स्तरीय विकल्प प्राप्त करने हेतु आवेदन-पत्र आमंत्रित करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनायी जायेगी।
  • अभ्यर्थी को उसके गृह जनपद के लिए पंजीकृत माना जायेगा।
  • विकास खण्ड, तहसील तथा जनपद स्तर पर संस्थानवार, व्यवसायवार आरक्षण के आधार पर सीटों की संख्या ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।
  • अभ्यर्थी के व्यवसाय के विकल्प को प्राथमिकता दी जायेगी। अभ्यर्थी सबसे पहले जिस व्यवसाय का विकल्प देगा उसे उसके द्वारा विकल्पित संस्थानों में वरीयता के अनुसार उसे सीट आवंटित की जायेगी।
  • अभ्यर्थी को मांगे गये व्यवसायों के विकल्प में पहले एन0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम में वरीयता दी जायेगी तत्पश्चात् एस0सी0वी0टी0 ट्रेड में सीट आवंटित की जायेगी।
  • प्रवेश के लिए अभ्यर्थी द्वारा प्रदेश के किन्हीं 03 जनपदों में अधिकतम कुल 06 संस्थानों के विकल्प दिये जा सकेंगे। अभ्यर्थी द्वारा ग्रुप-ए एवं ग्रुप-बी के पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग 10-10 व्यवसायों का वरीयता क्रम में विकल्प दिया जा सकता है। सीट आवंटन हेतु ग्रुप-ए एवं ग्रुप-बी के लिए प्रदेश स्तरीय मेरिट लिस्ट अलग-अलग तैयार की जायेगी।
  • ग्रुप-ए की चयन सूची को पहले तैयार किया जायेगा। यदि किसी अभ्यर्थी को ग्रुप-ए में सीट आवंटित हो जाती है, तो उसे ग्रुप-बी हेतु चयन के लिये विचार नहीं किया जायेगा।

सीट आवंटन प्रक्रिया (निजी संस्थानों हेतु)-

  • जनपद स्तर पर संस्थानवार, व्यवसायवार सीटों की संख्या ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी।
  • अभ्यर्थी के व्यवसाय के विकल्प को प्राथमिकता दी जाएगी। अभ्यर्थी सबसे पहले जिस व्यवसाय का विकल्प देगा, उसे उसके द्वारा विकल्पित संस्थानों में वरीयता के अनुसार उसे सीट आवंटित की जाएगी।
  •  प्रवेश के लिए अभ्यर्थी द्वारा प्रदेश के किन्हीं 03 जनपदों में अधिकतम कुल 25 संस्थानों के विकल्प दिए जा सकेंगे। अभ्यर्थी द्वारा ग्रुप-ए एवं ग्रुप-बी के व्यवसायों के लिए अलग-अलग वरीयता क्रम में विकल्प दिया जा सकता है। सीट आवंटन हेतु ग्रुप-ए एवं ग्रुप-बी के लिए प्रदेश स्तरीय मेरिट लिस्ट अलग-अलग तैयार की जाएगी।
  •  ग्रुप-ए की चयन सूची को पहले तैयार किया जाएगा। यदि किसी अभ्यर्थी को ग्रुप-ए में सीट आवंटित हो जाती है, तो उसे ग्रुप-बी हेतु चयन के लिए विचार नहीं किया जाएगा।

व्यवसाय हेतु निर्धारित अर्हकारी शैक्षिक योग्यताः-

    •  प्रदेश में संचालित राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, उनमें उपलब्ध व्यवसायों तथा व्यवसायों में प्रवेश हेतु अर्हकारी शैक्षिक योग्यता का विवरण परिशिष्ट 02 से 13 पर उपलब्ध है। अभ्यर्थी जिस व्यवसाय की अर्हकारी शैक्षिक योग्यता नही रखता होगा, वह उस व्यवसाय के चयन हेतु आवेदन नहीं कर सकता।
  •  अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे राजकीय संस्थान में चल रहे व्यवसायों में से ज्यादा से ज्यादा व्यवसायों (किन्तु अधिकतम 10) तथा निजी संस्थानों में चल रहे व्यवसायों में से ज्यादा से ज्यादा व्यवसायों (किन्तु अधिकतम 25) का विकल्प आवेदन पत्र में भरें, जिससे कि उनकी योग्यता के आधार पर उनका चयन हो सके।
  •  अभ्यर्थी का चयन अर्हकारी शैक्षिक योग्यता के परीक्षाफल के प्राप्तांक (वरीयता अंक यदि कोई हो को जोड़ते हुये) के अनुसार श्रेष्ठता के आधार पर किया जायेगा।
    शैक्षिक योग्यता सम्बन्धी विभिन्न परिषदों के परीक्षाफल में पूर्णांक अलग-अलग हैं। अतएव अभ्यर्थी को उपरोक्त वर्णित वरीयता अंक जोडने हेतु पूर्णांक 600 के अनुपातिक अंक के सापेक्ष प्राप्तांक का आधार माना जायेगा।
    यदि दो अभ्यर्थियों के अर्हकारी शैक्षिक योग्यता के प्राप्तांक समान होते हैं तो अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को चयन में वरीयता प्रदान की जायेगी। यदि दो अभ्यर्थियों के प्राप्तांक एवं आयु भी समान हों तो उस अभ्यर्थी को चयन में वरीयता दी जायेगी जिसने आवेदन पहले Submit किया है।

ग्रुप ए एवं ग्रुप बी के अन्तर्गत पाठ्यक्रमों के सम्बन्ध में निर्देश

प्रत्येक अभ्यर्थी के पास ग्रुप-ए एवं ग्रुप-बी के अन्तर्गत पाठ्यक्रमों में उपलब्ध व्यवसायों हेतु निम्नलिखित तीन विकल्प उपलब्ध हैं-

  • राजकीय संस्थानों हेतु अभ्यर्थी ग्रुप-ए में उपलब्ध व्यवसायों में से अधिकतम किन्हीं 10 व्यवसायों का तथा निजी संस्थानो हेतु अधिकतम किन्हीं 25 व्यवसायों का विकल्प दे सकता है।

    अथवा

  • राजकीय संस्थानों हेतु अभ्यर्थी ग्रुप-बी में उपलब्ध व्यवसायों में से अधिकतम किन्हीं 10 व्यवसायों तथा निजी संस्थानों हेतु किन्हीं 25 व्यवसायों का विकल्प दे सकता है।

    अथवा

  • राजकीय संस्थानों हेतु अभ्यर्थी ग्रुप-ए एवं ग्रुप-बी दोनों में उपलब्ध व्यवसायों के क्रमशः 10-10 एवं निजी संस्थानों हेतु 25-25 व्यवसायों का विकल्प दे सकता है।

 ग्रुप-ए एवं ग्रुप-बी दोनों ग्रुप की मेरिट उनके शैक्षिक योग्यता के परीक्षाफल के प्राप्तांक (तथा अनुमन्य वरीयता अंक, यदि कोई हो, को जोड़ते हुये) के आधार पर अलग-अलग बनेंगी। परन्तु यदि किसी अभ्यर्थी को ग्रुप -ए में सीट आवंटित हो जाती है तो उसे ग्रुप -बी के लिये विचार नहीं किया जायेगा।

छः (6) राजकीय संस्थानों का विकल्प

  • अभ्यर्थी यदि गृह विकास खण्ड का स्थानीय आरक्षण प्राप्त करना चाहता है तो उसे विकास खण्ड के विकल्प का चयन करने पर अपने गृह विकास खण्ड में संचालित आई0टी0आई0 की सूची दिखाई पडे़गी। उस आई0टी0आई0 में चलने वाले व्यवसाय (एन0सी0वी0टी0 एवं एस0सी0वी0टी0) दिखाई पडे़गे। उसे अपने इच्छित व्यवसायों के विकल्प चयन करने होंगे।
    उदाहरणार्थ-
  • यदि उसने विकास खण्ड की किसी आई0टी0आई0 में फिटर व्यवसाय का विकल्प भर दिया है तो उसके द्वारा चयन करने वाले 10 व्यवसायों के विकल्प में से एक विकल्प फिटर अंकित हो जायेगा। उसे आगे भरने वाले सभी 05 संस्थानों में फिटर व्यवसाय (यदि संचालित है) का विकल्प प्राप्त हो जायेगा।
  • अभ्यर्थी यदि गृह तहसील का स्थानीय आरक्षण प्राप्त करना चाहता है तो उसे तहसील के विकल्प का चयन करने पर अपने गृह तहसील में संचालित आई0टी0आई0 की सूची दिखाई पडे़गी। उस आई0टी0आई0 में चलने वाले व्यवसाय (एन0सी0वी0टी0 एवं एस0सी0वी0टी0) दिखाई पडे़गे। उसे अपने इच्छित व्यवसायों के विकल्प चयन करने होंगे।
  • अभ्यर्थी यदि गृह जनपद का स्थानीय आरक्षण प्राप्त करना चाहता है तो उसे जनपद के विकल्प का चयन करने पर अपने गृह जनपद में संचालित आई0टी0आई0 की सूची दिखाई पडे़गी। सूची में प्रदर्शित आई0टी0आई0 का विकल्प भरेगा। तत्पश्चात् उक्त आई0टी0आई0 में चलने वाले व्यवसाय (एन0सी0वी0टी0 एवं एस0सी0वी0टी0) दिखाई पडे़गे। उसे अपने इच्छित व्यवसायों के विकल्प चयन करने होंगे।
  • प्रदेश स्तर का चयन करने पर उसे प्रदेश में स्थित सभी आई0टी0आई0 दिखाई पड़ेगी। वह किन्हीं तीन जिलों के अधिकतम छः संस्थानों (उसके द्वारा विकास खण्ड स्तर, तहसील स्तर व जनपद स्तर के चयनित सभी विकल्पों को सम्मिलित करते हुए) का विकल्प भर सकता है।

जैसे- अभ्यर्थी जनपद लखनऊ स्थित आई०टी०आई० अलीगंज का पहला विकल्प भरने के बाद इलाहाबाद, वाराणसी अथवा किसी अन्य जनपद में स्थित आई०टी०आई० को क्रमशः दूसरे व तीसरे विकल्प के रूप में भर सकता है।

पच्चीस (25) निजी संस्थानों का विकल्प

  • अभ्यर्थी को जनपद के विकल्प का चयन करने पर जनपद में संचालित आई०टी०आई० की सूची दिखाई पड़ेगी। सूची में प्रदर्शित आई०टी०आई० का चयन करेगा। तत्पश्चात् उक्त आई०टी०आई० में चलने वाले व्यवसाय दिखाई पड़ेंगे। उसे अपने इच्छित व्यवसायों के विकल्प चयन करने होंगे।

    उदाहरणार्थ:- यदि उसने जनपद की किसी आई०टी०आई० में फिटर व्यवसाय का विकल्प भर दिया है, तो उसके द्वारा चयन करने वाले व्यवसायों के विकल्प में से एक विकल्प फिटर अंकित हो जाएगा। उसे आगे भरने वाले सभी 25 संस्थानों में फिटर व्यवसाय (यदि संचालित है) का विकल्प प्राप्त हो जाएगा।

  • अभ्यर्थी किन्हीं तीन जिलों के अधिकतम पच्चीस संस्थानों का विकल्प भर सकता है।

    जैसेः- अभ्यर्थी जनपद लखनऊ स्थित किसी निजी आई०टी०आई० का पहला विकल्प भरने के बाद इलाहाबाद, वाराणसी अथवा किसी अन्य जनपद में स्थित आई०टी०आई० को क्रमशः दूसरे विकल्प के रूप में भर सकता है।

  • प्रशिक्षण महानिदेशालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा अनुमन्य विभिन्न व्यवसायों की न्यूनतम अर्हकारी शैक्षिक योग्यता, प्रशिक्षण अवधि, शैक्षिक योग्यता कोड तथा व्यवसायों का संक्षिप्त परिचय का ब्यौरा मार्ग दर्शन हेतु परिशिष्ट ( 2 से 13 ) पर उपलब्ध है, तथा जनपदों में चल रहे राजकीय संस्थानवार, व्यवसायों का विवरण मार्ग दर्शन हेतु एन.सी.वी.टी.पाठ्यक्रम के अन्तर्गत परिशिष्ट (16 एवं 18) पर उपलब्ध हैं, जिसमें प्रशिक्षण महानिदेशालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के द्वारा किसी प्रकार का संशोधन/परिवर्तन/परिवर्धन किये जाने पर तदानुसार चयनित अभ्यर्थी को प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। एस.सी.वी.टी. पाठ्यक्रम के अन्तर्गत परिशिष्ट (17) पर उपलब्ध हैं तथा निजी संस्थानवार व्यवसाय का विवरण मार्गदर्शन हेतु एन0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम के अन्तर्गत परिशिष्ट (19) पर उपलब्ध है। अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन-पत्र में व्यवसाय का विकल्प चयन करने के पूर्व इसको अवश्य देख लें।
  • तृतीय शिफ्ट में ड्यूअल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डी0एस0टी0) के अन्तर्गत संचालित संस्थानों एवं स्ट्राइव परियोजना के अन्तर्गत ड्यूअल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग के अन्तर्गत संचालित संस्थानों के व्यवसायों में आवेदन/प्रवेश/प्रशिक्षण के सम्बन्ध में –

विशेष- महत्वपूर्ण निर्देश समस्त आवेदक/सम्बन्धित प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान विशेष ध्यान देंः-

ड्यूअल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग के सम्बन्ध में निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजनए, उ0प्र0 के पत्र संख्याः. 399/टी-2/1514/प्रवेश क्षमता/2020 दिनांक 08.06.2020 के निर्देशानुसार यह भी अवगत कराना है कि प्रशिक्षण महानिदेशालय, भारत सरकार के पत्रांक - एमएसडीई(डीजीटी) - 19/23/2016 - सीडी दिनांक 26.08.2017 एवं पत्रांक- एमएसडीई(डीजीटी)19/23/2016-सीडी दिनांक 31.08.2017 के द्वारा प्रदेश के विवरण पुस्तिका - 2020 परिशिष्ट. 18 में उल्लिखित ड्यूअल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग के अन्तर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में व स्ट्राइव परियोजना के अन्तर्गत ड्यूअल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग के अन्तर्गत संचालित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में तृतीय शिफ्ट में प्रवेश की कार्यवाही पूर्ण की जायेगी । (उपरोक्त से आच्छादित संस्थान/व्यवसाय हेतु परिशिष्ट - 18 देखें) ।

ड्यूअल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डी0एस0टी0) के अन्तर्गत प्रशिक्षण के सम्बन्ध में

ड्यूअल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग के अन्तर्गत आवेदित व्यवसाय में प्रवेशित अभ्यर्थी को आई०टी०आई० एवं उद्योग के माध्यम से उच्च सेवायोजकता का प्रशिक्षण प्रदान कराया जाता है । इस हेतु संस्थान एवं उद्योग के मध्य अनुबन्ध किया जाता है, जिसके अन्तर्गत एक वर्षीय पाठ्यक्रमों हेतु 03 से 06 माह का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण तथा दो वर्षीय पाठ्यक्रमों हेतु 06 से 12 माह का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण उद्योगों के माध्यम से प्रदान कराया जाता है । अवशेष अवधि का प्रशिक्षण आई०टी०आई० में प्रदान कराया जाता है । प्रशिक्षण पूर्ण करने तथा अखिल भारतीय व्यवसाय परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरान्त प्रशिक्षार्थी को सम्बन्धित व्यवसाय का राष्ट्रीय व्यवसाय प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है ।

महिला अभ्यर्थियों के आवेदन के सम्बन्ध में :-

  • महिलाओं के लिए विशेष रूप से संचालित बारह (12) महिला राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में केवल महिला अभ्यर्थियों को ही प्रवेश दिया जायेगा।
  • सामान्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के अन्तर्गत महिलाओं के लिए संचालित व्यवसायों में केवल महिला अभ्यर्थियों को ही प्रवेश दिया जायेगा। तत्संबंधी विवरण परिशिष्ट (4, 5, 9 व 12) पर अंकित है।
  • उक्त से इतर अन्य समस्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में तथा समस्त निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में महिलाओं के लिए बीस प्रतिशत (20%) सीटें क्षैतिज रूप से आरक्षित रहेंगी।
  • अभ्यर्थियों द्वारा अर्हकारी शैक्षिक योग्यता के परीक्षाफल में प्राप्त अंकों एवं वरीयता अंक के आधार पर ग्रुप-ए एवं ग्रुप-बी की अलग-अलग व्यवसायवार श्रेष्ठता सूची (Merit List) तैयार की जाएगी। ग्रुप ए एवं ग्रुप बी के लिये व्यवसाय आवंटन की कार्यवाही अलग-अलग की जायेगी।
  • प्रदेश के राजकीय/निजि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आगामी सत्र अगस्त 2020 हेतु प्रवेश प्रक्रिया के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्या-21/2019/832/89-वया०शि० एवं कौ०वि०वि०-2019-125(बी)/87 दिनांक 29 अप्रैल, 2019 के अनुसार प्रवेश अर्हकारी शैक्षिक योग्यता की मेरिट के आधार पर किया जाएगा व अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन में व्यवसाय एवं संस्थान के चुनाव का सीधा अवसर प्रदान किया जाएगा, के लिए अगस्त 2020 से प्रारम्भ होने वाले सत्र के लिए प्रदेश के राजकीय/निजि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश हेतु निम्नानुसार प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित है।

राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया एवं सामान्य सिद्धान्तः-

  • ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थी को यह विकल्प होगा कि वह केवल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु आवेदन करें या निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हेतु आवेदन करें या राजकीय एवं निजी दोनों औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हेतु आवेदन करें। आवेदन की प्रत्येक दशा में पंजीकरण शुल्क वर्ग के अनुसार एक ही बार देय होगी। ऑनलाइन आवेदन हेतु अभ्यर्थी को अपना व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता के प्राप्तांक, आरक्षण वर्ग एवं अधिमानी अर्हताओं सम्बन्धी सूचनाएं आदि पंजीकृत करानी होगी, तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी को अपने निवास प्रमाण-पत्र के अनुसार ब्लाक, तहसील, जनपद अथवा राज्य स्तर के आरक्षण की सहमति का भी विकल्प प्रदान किया जायेगा।
  • ऑनलाइन आवेदन के समय किसी भी अभ्यर्थी द्वारा ग्रुप "ए" एवं "बी" राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु वरीयता क्रम में अधिकतम 10 व्यवसायों का विकल्प योजित किया जा सकेगा तथा इन व्यवसाय विकल्प हेतु वह किन्ही 03 जनपदों के अधिकतम 06 संस्थानों का विकल्प दे सकेगा तथा निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु वह 03 जनपदों के अधिकतम 25 संस्थानों का विकल्प दे सकेगा।
  • चयनित अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन के समय की गयी प्रविष्टियों से सम्बन्धित शैक्षिक योग्यता, आरक्षण वर्ग एवं अधिमानी अर्हता सम्बन्धी मूल अभिलेखों का सत्यापन राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रवेश के समय कराया जायेगा।
  • ऑनलाइन आवेदन हेतु कम से कम 25 कार्य दिवस का समय प्रदान किया जायेगा।
  • अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन पत्र में शैक्षिक योग्यता सम्बन्धी परीक्षा के सभी विषयों के प्राप्तांकों के योग का प्रतिशत/(सी0जी0पी0ए0 को प्रतिशत में बदल कर) अंकित करना होगा।
  • राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ें वर्गो के लिये आरक्षण तथा क्षैतिज प्रकृति के आरक्षण की व्यवस्था शासनादेश संख्या-531/89-व्या0शि0-2013-21(बी)/2010 लखनऊ दिनांक-22 अप्रैल, 2013 के अनुसार प्रभावी होगी तथा विकास खण्ड, तहसील, जनपद एवं राज्य स्तर पर अभ्यर्थियों को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु आरक्षण की व्यवस्था शासनादेश संख्या-3947(2)/89-व्या0शि0कौ0वि0वि0-2013-125(बी)/87टीसीलखनऊ दिनांक-30 अक्टूबर, 2013 के अनुसार प्रभावी हेागी।
  • राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों के पुत्र/पुत्री को प्रवेश में वरीयता शासनादेश संख्या-4495/89-व्या0शि0एवं कौ0वि0वि0-2017-7(199)/95 टीसी(प) लखनऊ दिनांक-15 फरवरी, 2018 के अनुसार प्रभावी होगी।
  • राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिये अभ्यर्थियों हेतु उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित वरीयता राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को वरीयता के 03 अंक देय होंगे। प्रतिबन्ध यह है कि उनके पास सम्बन्धित स्पोर्ट्स एशोसिएशन द्वारा दिया गया प्रमाण-पत्र हो।
  • उद्योगो द्वारा नामित कार्यरत कर्मचारियों हेतु राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों एवं भारत सरकार द्वारा सहायतित पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप योजना से अच्छादित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आई0एम0सी0 के कोटे के अभ्यर्थियों के प्रवेश हेतु शासनादेश संख्या-5160/89-व्या0शि0एवं कौ0वि0वि0-2014-125(बी)/1987टीसी लखनऊ दिनांक-04.02.2015 एवं शासनादेश संख्या-208/2015/3993/89-व्या0शि0एवं कौ0वि0वि0-2015-125(बी)/1987 टीसी लखनऊ दिनांक-24.11.2015 द्वारा स्थापित व्यवस्था पूर्ववत लागू रहेगी।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के ऐसे अभ्यर्थी जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ें वर्गो के लिये आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था से आच्छादित नहीं है, को शासनादेश संख्या-67/2019/1011/89-व्‍या०शि० एवं कौ०वि०वि०-2019-282(एम)/2012टीसी दिनांक 28 जून, 2019 के अनुसार 10 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान किया जायेगा।
  • राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के लिये पृथक-पृथक अर्हकारी योग्यता के आधार पर ग्रुप "ए" एवं "बी" के लिये रैंक/मेरिट सूची तैयार की जायेगी।
  • सीट आवंटन (चार चरणों में) पूर्ण किया जायेगा, जिसमें से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में सीट आवंटन प्रदेश स्तरीय अर्हकारी शैक्षिक योग्यता की मेरिट के आधार पर तथा चतुर्थ चरण में सीट आवंटन जनपद/संस्थान स्तर पर अर्हकारी शैक्षिक योग्यता की मेरिट के आधार पर किया जायेगा।
  • निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में किसी चरण में रिक्त सीटों के विरूद्ध व्यवसाय/संस्थान के उच्चीकृत विकल्प को दिये जाने हेतु "फ्रीज/फ्लोट" की व्यवस्था एवं स्थानीय आरक्षण की व्यवस्था लागू नहीं होगी।
  • जिन निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु किसी चरण में विकल्प दिये हुये अभ्यर्थी किसी भी व्यवसाय में प्रवेश लेने हेतु उपलब्ध नहीं है तो उक्त चरण से ही चतुर्थ चरण में दी गयी व्यवस्था के अनुसार रिक्त सीटों के सापेक्ष आरक्षण की व्यवस्था को शिथिल रखते हुये निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को यह सुविधा प्राप्त होगी कि वह पोर्टल के बाहर के योग्यता धारक अभ्यर्थियों में से अपने संस्थान हेतु रिक्त सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर लें तथा अभ्यर्थियों को पोर्टल पर फार्म भरवाकर ऑनलाइन प्रवेश पंजीकरण शुल्क जमा करते हुये प्रवेश की कार्यवाही पूर्ण कर लें।
  • आरक्षण एवं प्रवेश प्रक्रिया के सम्बन्ध में समय-समय पर जारी नवीनतम् शासनादेश ही प्रभावी होंगे।
  • अर्हकारी शैक्षिक योग्यता के प्राप्तांक की मेरिट के आधार पर प्रथम चरण में ऑनलाइन सीटों का आवंटन।

विशेष - महत्वपूर्ण निर्देश समस्त आवेदक/प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान विशेष ध्यान दें :-

  • चयन परिणाम परिषद की वेबसाइट www.scvtup.in पर प्रदर्शित किया जायेगा। अभ्यर्थी को चयनित संस्थान/व्यवसाय में प्रवेश का अवसर प्रदान किया जायेगा, चयनित अभ्यर्थी को बुलावा-पत्र www.scvtup.in पर जारी किया जायेगा जिसमें चयन हुए पाठ्यक्रम/व्यवसाय/संस्थान आदि का उल्लेख होगा। चयनित अभ्यर्थियो को उनके संबंधित व्यवसायो के लिये अर्हकारी शैक्षिक योग्यता में प्राप्त अंको की मेरिट के आधार पर पाठ्यक्रम/व्यवसाय/संस्थान में चयन किया गया है, एवं मेरिट के ही आधार पर यह संभव है कि अभ्यर्थी को उच्चतर विकल्प के पाठ्यक्रम /व्यवसाय/संस्थान न प्राप्त हुए हो इसके लिये क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण (प्रत्येक चरण) के प्रवेश समाप्त होने के उपरान्त अवशेष पाठ्यक्रम/व्यवसाय/संस्थान की सीटो पर प्रवेशित प्रशिक्षार्थियो को अपग्रेड करके उच्चतर विकल्प के पाठ्यक्रम/व्यवसाय/संस्थान में अवसर दिये जाने की व्यवस्था है, जिसके लिए अपग्रेडेशन प्रक्रिया में भाग लेने की स्थिति के अनुसार Freeze(स्थिर) एवं Float (विस्थापित) का विकल्प भी मुद्रित होगा। अभ्यर्थी को संस्थान में प्रवेश के समय उपरोक्त दोनों विकल्पों में से किसी एक विकल्प का चयन करते हुए प्रवेश की कार्यवाही पूर्ण करानी होगी। अभ्यर्थी यदि Freeze (स्थिर)विकल्प का चयन करता है तो वह अग्रेतर अपग्रेडेशन प्रक्रिया में सम्मिलित नही किया जायेगा। अभ्यर्थी यदि Float(विस्थापित) विकल्प का चयन करता है तो अपग्रेडेशन प्रक्रिया के अन्तर्गत अभ्यर्थी के पाठ्यक्रम/व्यवसाय/संस्थान के उच्चतर विकल्पों में सीट रिक्त होने की स्थिति में उसे उक्त का लाभ प्रदान किया जायेगा। उपरोक्त Freeze (स्थिर) एवं Float (विस्थापित) की कार्यवाही प्रत्येक चरण पर प्रभावी रहेगी।
  • परिषद द्वारा आरक्षण नियमों को ध्यान में रखते हुए राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु संस्थानवार, व्यवसायवार, पाठ्यक्रमवार एवं वर्गवार सीटों का विवरण तैयार कराया जायेगा, जिसके सापेक्ष सीटों का आवंटन होगा तथा अभ्यर्थियों के बुलावा पत्र पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में तथा निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में (जैसा उसने आवेदन किया है) उसके ग्रुप "ए" व ग्रुप "बी" के रैंक प्रदर्शित होंगे।
  • यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (दोनों) में प्रवेश हेतु आवेदन किया है तथा उसे राजकीय/ निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान दोनों में प्रवेश का अवसर प्राप्त हो जाता है तो वह पहला प्रवेश जिस संस्थान में ले लेगा वही उसका अंतिम प्रवेश माना जायेगा तथा दूसरे संस्थान में उसका हुआ चयन स्वतः निरस्त माना जायेगा।
  • प्रदेश के राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ग्रुप "ए" व ग्रुप "बी" पाठ्यक्रम के लिए प्रदेश स्तरीय मेरिट लिस्ट अलग-अलग तैयार की जायेगी तथा गु्रपवार आवंटन की कार्यवाही अलग-अलग की जायेगी। किसी अभ्यर्थी को ग्रुप-ए में यदि कोई सीट आवंटित हो जाती है, तो उसे ग्रुप-बी हेतु विचार नहीं किया जायेगा।
  • प्रदेश के राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रथम चरण में किसी भी ग्रुप में सीटों के आवंटन की प्रक्रिया प्रारम्भ करने के लिए उक्त ग्रुप की वरीयता सूची के क्रम में अभ्यर्थियों को सीट आवंटित की जायेगी। प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए उसके द्वारा अंकित प्रथम वरीयता के व्यवसाय के लिए यह परीक्षण किया जायेगा कि क्या उसके मेरिट एवं आरक्षण वर्ग के आधार पर उसके द्वारा वरीयता क्रम में चिन्हित संस्थानों में से किसी भी संस्थान में एन0सी0वी0टी0 से सम्बद्ध सीट आवंटित की जा सकती है। यदि ऐसा नहीं है, तो उसके द्वारा वरीयता क्रम में चिन्हित् अगले व्यवसाय के लिए यही प्रक्रिया दोहराई जायेगी, जब तक उसके द्वारा चिन्हित् समस्त व्यवसायों एवं संस्थानों में एन0सी0वी0टी0 सम्बद्धता प्राप्त कोई सीट उपलब्ध न रहे। यदि उसे एन0सी0वी0टी0 से सम्बद्ध कोई सीट प्राप्त नहीं होती है, तो उसे आवेदन के अनुसार पुनः उसके द्वारा चिन्हित् प्रथम वरीयता के व्यवसाय के लिए वरीयता क्रम में चिन्हित् संस्थानों में एस0सी0वी0टी0 (राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों) की सीट आवंटित करने का प्रयास किया जायेगा और यह प्रक्रिया उसके द्वारा वरीयता क्रम में चिन्हित समस्त व्यवसायों के लिए तब तक चलायी जायेगी जब तक या तो उसे कोई सीट आवंटित न हो जाय अथवा उसके द्वारा चिन्हित व्यवसायों एवं संस्थानों में कोई सीट उपलब्ध न बचे।
  • तत्पश्चात अगली वरीयता क्रम के अभ्यर्थी के लिए यही प्रक्रिया दोहराई जायेगी और इसी क्रम में समस्त अभ्यर्थियों के लिए इस प्रक्रिया का पालन करते हुए सीटों का आवंटन किया जायेगा जब तक कि समस्त उपलब्ध सीटें आवंटित नहीं हो जाती।
  • अभ्यर्थी द्वारा पंजीकृत किये गये व्यवसाय एवं संस्थानों के विकल्प के आधार पर सीट आवंटन के चयन का परिणाम परिषद स्तर से परीक्षण समिति गठित कर उसकी संस्तुति के आधार पर आगामी 03 दिवसों में तैयार कराकर परिषद की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जायेगा, तथा चयनित अभ्यर्थियों को उनके Mobile पर Messageके द्वारा भी सूचना भेजी जाएगी। उक्त आशय की मात्र विज्ञप्ति समाचार पत्रों में प्रकाशित करायी जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को आवंटित व्यवसाय/संस्थान में प्रवेश लेने के लिए 06 कार्य दिवसों का समय प्रदान किया जायेगा।
  • यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित अवधि में प्रवेश नहीं लेता है, तो उसका आवंटन रद्द माना जायेगा, तथा आगामी प्रक्रिया में उसे बाहर रखा जायेगा।
  • जिन निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु इस चरण में विकल्प दिये हुये अभ्यर्थी किसी भी व्यवसाय में प्रवेश लेने हेतु उपलब्ध नहीं है, तो उक्त चरण से ही चतुर्थ चरण में दी गयी व्यवस्था के अनुसार रिक्त सीटों के सापेक्ष आरक्षण की व्यवस्था को शिथिल रखते हुये निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को यह सुविधा प्राप्त होगी की वह पोर्टल के बाहर के योग्यता धारक अभ्यर्थियों में से अपने संस्थान हेतु रिक्त सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर लें तथा अभ्यर्थियों को पोर्टल पर फार्म भरवाकर ऑनलाइन प्रवेश पंजीकरण शुल्क जमा करते हुये प्रवेश की कार्यवाही पूर्ण कर लें।

द्वितीय चरण (अपग्रेडेशन/चयन सूची)

  • राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रथम चरण में प्रवेश लेने वाले ऐसे अभ्यर्थियों को जिन्हें अपने उच्च विकल्प के व्यवसाय/संस्थान/एस0सी0वी0टी0/एन0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम नहीं प्राप्त हुआ है, किन्तु प्रथम चरण में कतिपय अभ्यर्थियों के प्रवेश न लेने के कारण उन्हें उच्च विकल्प के व्यवसाय/संस्थान/एस0सी0वी0टी0/एन0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम प्राप्त हो सकता है, तो पोर्टल पर ऐसे अभ्यर्थियों के लिये यदि वे प्रवेशित व्यवसाय/संस्थान/ एस0सी0वी0टी0/एन0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम में बदलाव हेतु सहमति देगा तो उसका उच्चीकरण उच्च विकल्प के व्यवसाय/संस्थान/एस0सी0वी0टी0/ एन0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम में सीट रिक्त होने पर कर दिया जायेगा। इस प्रकार अपग्रेडेशन के फलस्वरूप नई स्थिति की सूचना सम्बन्धित अभ्यर्थियों को उनके Mobile पर Message के द्वारा दी जायेगी तथा संस्थानों को अपग्रेडेशन के फलस्वरूप ऐसे अभ्यर्थियों की सूची प्रदान की जायेगी जिसके आधार पर अभ्यर्थी नये व्यवसाय/संस्थान/एस0सी0वी0टी0/एन0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम में पुनः नई प्रवेश की प्रक्रिया से प्रवेश लेगा, किन्तु उसे दोबारा फीस जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। जिन अभ्यर्थियों ने उच्च विकल्प के लिये प्रस्ताव दिया है, पर उच्चीकृत होने की स्थिति में उनके नये व्यवसाय/संस्थान/एस0सी0वी0टी0/एन0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम में कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा तथा नये आवंटित विकल्प में प्रवेश न लेने पर सम्बन्धित अभ्यर्थी का प्रवेश स्वतः निरस्त माना जायेगा। इस अवधि तक निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रथम चरण के आवंटित अभ्यर्थियों का ही प्रवेश चालू रहेगा तथा उनमें उक्त उच्चीकरण की प्रक्रिया लागू नहीं होगी।
  • राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में उच्चीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरान्त तथा निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरान्त सर्वप्रथम ऐसे अभ्यर्थियों को अलग कर दिया जायेगा, जिन्हें प्रथम चरण में कोई भी राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आवंटित हुआ था। तत्पश्चात राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के लिये अवशेष सीटों के लिए आवंटन की प्रक्रिया पुनः प्रथम चरण के प्रस्तर-(4) के अनुसार चलाई जायेगी तथा उक्त के अनुसार तैयार द्वितीय चयन सूची एवं राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के लिये अपग्रेडेशन सूची पुनः परिषद की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी तथा चयनित अभ्यर्थियों को उनके Mobile पर Message के द्वारा सूचना भेजी जाएगी। उक्त आशय की मात्र विज्ञप्ति समाचार पत्रों में प्रकाशित करायी जाएगी। दूसरे चरण के प्रवेश की कार्यवाही पूर्ण होने के उपरान्त पुनः परिणामी रिक्त सीटों का आंकलन किया जाएगा।
  • जिन निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु इस चरण में विकल्प दिये हुये अभ्यर्थी किसी भी व्यवसाय में प्रवेश लेने हेतु उपलब्ध नहीं है तो उक्त चरण से ही चतुर्थ चरण में दी गयी व्यवस्था के अनुसार रिक्त सीटों के सापेक्ष आरक्षण की व्यवस्था को शिथिल रखते हुये निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को यह सुविधा प्राप्त होगी की वह पोर्टल के बाहर के योग्यता धारक अभ्यर्थियों में से अपने संस्थान हेतु रिक्त सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर लें तथा अभ्यर्थियों को पोर्टल पर फार्म भरवाकर ऑनलाइन प्रवेश पंजीकरण शुल्क जमा करते हुये प्रवेश की कार्यवाही पूर्ण कर लें।

तृतीय चरण

  •  द्वितीय चरण के उपरान्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अभ्यर्थियों के उच्चीकरण की प्रक्रिया द्वितीय चरण के प्रस्तर-(1) के अनुसार करते हुए राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में परिणामी रिक्त सीटों का विवरण तैयार कर वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जायेगा, तथा अभ्यर्थियों का पुनः विकल्प प्राप्त करते हुए पंजीकरण की कार्यवाही की जायेगी। अभ्यर्थियों का विकल्प पंजीकृत करने हेतु सूचना वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी तथा उक्त आशय की विज्ञप्ति समाचार पत्रों में प्रकाशित करायी जायेगी। यदि कोई अभ्यर्थी नया विकल्प नहीं देना चाहता है, तो उसके प्रवेश फार्म में दिये गये विकल्प पर ही उसकी मेरिट के अनुसार उसे प्रथम चरण के प्रस्तर-(4) के अनुसार व्यवसाय/संस्थान आवंटित कर दिया जायेगा। पंजीकरण के उपरान्त चयन प्रक्रिया 04 दिनों में पूर्ण कर ली जायेगी, तथा अभ्यर्थियों को प्रवेश लेने हेतु अधिकतम 05 दिनों का समय प्रदान किया जायेगा। सीटों के आवंटन में केवल ऐसे अभ्यर्थियों पर विचार किया जायेगा, जिन्हें प्रथम एवं द्वितीय चरण में कोई सीट आवंटित नहीं हुई हैं। इस चरण में उक्त आवंटन के उपरान्त अनावंटित अवशेष सीटों को अनारक्षित करते हुए दोबारा प्रथम चरण के प्रस्तर-(4) की भॉति सीट आवंटन की प्रक्रिया अपनायी जायेगी।
  • जिन निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों हेतु इस चरण में विकल्प दिये हुये अभ्यर्थी किसी भी व्यवसाय में प्रवेश लेने हेतु उपलब्ध नहीं है तो उक्त चरण से ही चतुर्थ चरण में दी गयी व्यवस्था के अनुसार रिक्त सीटों के सापेक्ष आरक्षण की व्यवस्था को शिथिल रखते हुये निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को यह सुविधा प्राप्त होगी की वह पोर्टल के बाहर के योग्यता धारक अभ्यर्थियों में से अपने संस्थान हेतु रिक्त सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर लें तथा अभ्यर्थियों को पोर्टल पर फार्म भरवाकर ऑनलाइन प्रवेश पंजीकरण शुल्क जमा करते हुये प्रवेश की कार्यवाही पूर्ण कर लें।

चतुर्थ चरण

उपरोक्तानुसार चयन के उपरान्त रिक्त रह गयी व्यवसायवार, संस्थानवार, एवं जनपदवार सीटों की सूची सम्बन्धित जनपदों को प्रेषित की जायेगी। जनपद स्तर पर रिक्त रह गयी सीटों को भरे जाने हेतु राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा आरंक्षण की व्यवस्था शिथिल रखते हुये निम्नवारवि प्रक्रिया अपनायी जायेगीः-

  • रिक्तियों की सूचना संस्थान के सूचना पट पर प्रदर्शित कर व स्थानीय स्तर पर लीडिंग मुख्य समाचार-पत्रों में विज्ञापित कर व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए 07 दिनों में रिक्त सीटों में प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त कर लिया जायेगा।
  • जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में प्रवेश हेतु आवेदन किया था तथा उन्हें कोई भी सीट आवंटित नहीं हो सकी, उनके फार्म पोर्टल पर पंजीकरण संख्याः अंकित कर देखे जा सकेगे। इन अभ्यर्थियों को रिक्त सीटों के सापेक्ष अपने विकल्प केवल पोर्टल पर ऑनलाइन निर्धारित स्थान पर भरना होगा।
  • नये आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन करने के 03 दिन के भीतर विकल्पित संस्थान के प्रधानाचार्य से अपने मूल अभिलेखों को प्रमाणित कराना होगा। अभिलेखों को प्रमाणित करने के बाद प्रधानाचार्य द्वारा आवेदन पत्रों को अर्हकारी शैक्षिक योग्यता की मेरिट के आधार पर व्यवसायवार ग्रुप-ए और ग्रुप बी की अलग-अलग सूची तैयार की जायेगी।
  • उपरोक्तानुसार जनपदवार, ग्रुपवार, व्यवसायवार तैयार मेरिट सूची के आधार पर पूर्व में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को उनके विकल्प के आधार पर सीटें आवंटित की जायेंगी। उसके उपरान्त नये आवेदकों को प्राप्त विकल्प के आधार पर सीटें आवंटित की जायेगी। रिक्त सीटों के आवंटन की प्रक्रिया 04 दिनों में पूर्ण कर ली जायेगी, और चयनित अभ्यर्थियों के प्रवेश हेतु 05 दिनो का समय प्रदान किया जायेगा। प्रवेशित अभ्यर्थियों की सूचना परिषद को शीघ्र उपलब्ध करा दी जायेगी।
  •  जनपद स्तर पर रिक्त सीटों को भरे जाने की कार्यवाही निम्न गठित समिति द्वारा की जायेगी।
    • संबंधित जनपद के नोडल प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान।
    • संबंधित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य।
    • जिला सेवायोजन अधिकारी।
  •  जनपदवार निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानवार व्यवसायों में रिक्त सीटों के सापेक्ष आरक्षण की व्यवस्था को शिथिल रखते हुए निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को यह सुविधा प्राप्त होगी कि वह पोर्टल पर अब तक चयन से वंचित अभ्यर्थियों में से अथवा पोर्टल के बाहर के योग्यताधारक अभ्यर्थियों में से अपने संस्थान हेतु रिक्त सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर लें तथा निर्धारित तिथि तक पोर्टल के अभ्यर्थियों को सम्बन्धित व्यवसाय की सीट के विरूद्ध तथा नये अभ्यर्थियों को पोर्टल पर फार्म भरवाकर ऑनलाइन प्रवेश पंजीकरण शुल्क जमा करते हुये प्रवेश की कार्यवाही पूर्ण कर सुरक्षित कर लें। इस हेतु पोर्टल पर गैर चयनित अभ्यर्थियों की सूची निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के दृष्टव्य हेतु उपलब्ध रहेगी।
  •  सीट आवंटन प्रक्रिया हेतु निर्धारित किये गये उपरोक्त चरणों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जायेगा, जिससे की निर्धारित तिथि तक समस्त प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाय।

उक्त के अतिरिक्त प्रवेश प्रक्रिया में निम्न बिन्दुओं का भी अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगाः-

  • अर्हकारी शैक्षिक योग्यता के प्राप्तांक मेरिट के आधार पर एस0सी0वी0टी0 द्वारा 03 चरणों में आवंटन सूचियाँ निर्गत की जायें, एवं चतुर्थ चरण में अवशेष रिक्त रह गयी सीटों को भरें जाने हेतु नोडल प्रधानाचार्यों को अधिकृत किया जाये,जिससे प्रवेश प्रक्रिया कम अवधि में सम्पन्न की जा सके।
  • समस्त ऑनलाइन आवेदन करने वाले आभ्यर्थियों के प्रविष्टयों से संबंधित शैक्षिक योग्यता आरक्षण वर्ग एवं अधिमानी अर्हता संबंधी मूल अभिलेखों का सत्यापन न कराकर केवल चयनित अभ्यर्थियों का सत्यापन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश के समय कराया जाये, जिससे कि संस्थानों में अभ्यर्थियों के अनावश्यक दबाव में कमी हो सके।
  • मितव्ययता के दृष्टिगत समस्त परीक्षाफल समाचार पत्रों में प्रकाशित न करायी जाय अपितु केवल विज्ञाप्ति प्रकाशित करायी जाय एवं चयनित अभ्यर्थियों का परीक्षाफल परिषद की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाय तथा उनके मोबाईल नम्बर पर मैसेज से सूचना भेजी जाय।
  • ऑनलाइन विकल्प आधारित चयन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से सम्पन्न की जायेगी। प्रदेश में चरण अनुसार उस चरण के लिए निर्धारित अन्तिम प्रवेश तिथि के उपरान्त किसी भी परिस्थिति में किसी अभ्यर्थी का प्रवेश सम्भव नहीं होगा।
  • विवरणी में दर्शाये गये किसी भी संस्थान/व्यवसाय में प्रवेश न किये जाने का अधिकार उत्तर प्रदेश शासन/परिषद के पास सुरक्षित रहेगा।

महत्वपूर्ण निर्देश:

  • राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद, उ0प्र0 द्वारा संचालित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन पत्र भर कर Submit (जमा) करने पर अभ्यर्थी उन सभी नियमों, प्रतिबंधों तथा उपबन्धों से आबद्ध हो जाता है जो विवरण-पुस्तिका में विभिन्न स्थानों पर दिये गये हैं या जिन्हें समय-समय पर परिषद या राज्य सरकार परिवर्तन करें या नवीनतम् नियम लागू करें।
  • यदि किसी अभ्यर्थी के द्वारा प्रस्तुत सूचना प्रवेश से पूर्व/प्रवेश के समय या भविष्य में असत्य पायी जाती है तो उस अभ्यर्थी का अभ्यर्थन/प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा।
  • यह देखा गया है कि अभ्यर्थी अन्य वर्ग/वरीयता कालम में वरीयता के पात्र न होते हुए भी उसका चयन कर लेते हैं। जिससे उस वर्ग में उनका चयन होने के उपरान्त पात्रता के अभाव में प्रवेश नहीं हो पाता है। अतः अभ्यर्थी यह सुनिश्चित कर लें कि पात्रता होने पर ही सम्बन्धित वर्ग/वरीयता का चयन करें। यदि कोई अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन पत्र में अधूरी, अस्पष्ट अथवा गलत सूचना अंकित करता है तो आवेदन-पत्र की ऐसी सूचनायें आवेदन Submit करने के बाद संशोधित नहीं की जा सकेगी। अपूर्ण/अस्पष्ट सूचना के कारण अभ्यर्थी को होने वाली हानि के लिए परिषद उत्तरदायी नहीं होगा। ऐसे अपूर्ण/अस्पष्ट/गलत भरे आवेदन पत्र स्वतः निरस्त माने जायेंगे।
महत्वपूर्ण सूचनाए